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१. भाईचारा
अंतर्राष्ट्रीय भाईचारा क एक आदर्श क बढ़ावा देबय जो सब अंतरन से ऊपर होय।
मानवीय गरिमा अउर सार्वभौमिक मूल्यन क पहिचान करबय जे लोगन क एक करैं, लिंग, संस्कृति, धर्म या सामाजिक स्थिति क बाधाओं क पार करैं। उद्देश्य सिरिफ सहनशीलता नाय, बल्कि मानवता क साझा नैतिक सिद्धांतन पर आधारित बंधनन क सामंजस्य अउर मजबूत करबय हय।
२. ज्ञान
दर्शनशास्त्रन, धर्मन, विज्ञानन अउर कलाओं क तुलनात्मक अध्ययन क माध्यम से ज्ञान (दर्शनशास्त्र) क प्रेम क बढ़ावा देबय।
ज्ञान क सत्य क खोज क रूप म देखल जाला जेकर लक्ष्य मनुष्य, प्रकृति अउर ब्रह्मांड क गहरा समझ हय। दर्शनशास्त्र ओ अक्ष हय जे ज्ञान क इ अलग-अलग शाखान क एकजुट करै हय, व्यक्ति क विवेक विकसित करै अउर अउर अधिक जागरूकता से जियै म मदद करै हय।
३. विकास
व्यक्ति क एहसास क बढ़ावा देत हुए बेहतरीन मानवीय क्षमता क विकसित करबय।
ई सिद्धांत आत्म-परिवर्तन बरे दर्शनशास्त्र क व्यावहारिक अनुप्रयोग पर ध्यान केंद्रित करै हय। इकर मतलब हय सद्गुणन अउर मूल्यन (जइसे कि साहस, न्याय अउर दया) क खेती करबय, अउर समाज अउर प्रकृति म सक्रिय रूप से एकीकृत होबय, दुनिया क बेहतरी बरे एक जागरूक अउर सक्रिय तत्व बनि जाबय।