![]()
|
|
![]()
|
|
||
१. सबहिं से पहिले अमर देवतान्ह के सम्मान करा, जइसे कानून कहेला।
२. ओकरे बाद, जौन कसम तूँ खाये हउ, ओकर आदर करा।
३. ओकरे बाद, ओन्ह महान् वीरन के, जौन नेकी अउर उजियार से भरपूर हइन।
४. तौ, धरती के देवतान्ह के पूजा करा अउर ओन्हके प्रति उचित सम्मान देखावा।
५. ओकरे बाद अपने माँय-बाप, अउर अपने परिवार के सबहिं सदस्यन के सम्मान करा।
६. बाकी लोगन मा, सबहिं से बुद्धिमान अउर धर्मात्मा क अपने यार चुना।
७. ओन्हके मीठी बातन से फायदा उठावा, अउर ओन्हके कामन से सिखा जौन उपयोगी अउर धर्मात्मा हइन।
८. मुदा एक ठो छोट गलती के कारण अपने यार के दूर न करा।
९. काहेंकि शक्ति जरूरत से सीमित रहेला।
१०. ई बात के बहों गंभीरता से लेह: तूँ जरूर वासना से लड़ के जीतब।
११. पहिले पेटूपन, ओकरे बाद आलस, कामुकता, अउर गुस्सा।
१२. न तौ दूसर लोगन के साथ, न तौ अकेले, उहौ करा जौन तूंहे लज्जित करे।
१३. अउर सबहिं से ऊपर, अपना के खुद सम्मान करा।
१४. अपने करम अउर अपने बातन से न्याय के अभ्यास करा।
१५. अउर कबहुँ बिना सोचले काम न करे के आदत डारा।
१६. मुदा हमेशा एक बात याद करा, कि मौत सबहिं के आई।
१७. अउर कि दुनिया के अच्छी चीज अनिश्चित हइन, अउर जइसे ओन्हके जीतल जा सकत ह, ओइसहि ओन्हके खोवल भी जा सकत ह।
१८. चाहे जउन होय, अपने हिस्सा के धीरज से अउर बिना बड़बड़ाये बर्दाश्त करा।
१९. ओन्ह दुःख से जौन देवतान्ह द्वारा तय किया गया भाग्य मनुष्यन पर फेंकेंला।
२०. मुदा जेतना संभव होय, अपने पीड़ा के कम करे के प्रयास करा।
२१. अउर याद करा कि भाग्य अच्छे लोगन पर बहुत आपदा न भेजेला।
२२. जौन लोग सोचेला अउर कहेला, ओमा बहुत बदलाव रहेला; अब उहौ कुछ अच्छा ह, ओकरे बाद कुछ बुरा होइ जाई।
२३. तइसे, जौन तूँ सुनेला ओका आँख मूँदि के न स्वीकार करा, न तौ जल्दी से ओका नकार करा।
२४. मुदा अगर झूठी बात कहल जाई, तौ धीमे से पीछे हटा अउर धीरज से खुद क हथियारबंद करा।
२५. हर मौके पर, जौन मय तूंहे अब कहेला, ओका ईमानदारी से पूरा करा।
२६. कउनौ क न छोड़, बातन या करमन से,
२٧. तूंहे उहौ करे या कहे कि ले जाई जौन तूंहे सबसे अच्छा नाहिं होय।
२٨. काम करे से पहिले सोचा अउर विचार करा, ताकि तूँ मूर्खतापूर्ण काम न करा।
२٩. काहेंकि बिना सोचले काम करे अउर बोले एक दुखी आदमी के विशेषता ह।
३०. मुदा उहौ करा जौन बाद मा तूंहे तकलीफ न देई, अउर जौन तूंहे पछतावा न कराई।
३१. कउनौ काम न करा जेका तूँ समझे मा असमर्थ हउ।
३२. मुदा, जौन जानल जरूरी ह ओका सिखा; एसे, तोर जीवन सुखी होई।
३३. शरीर के स्वास्थ्य के कउनौ हाल मा न भुला।
३४. मुदा ओका उचित मात्रा मा भोजन, जरूरी व्यायाम अउर अपने मन के भी आराम देह।
३५. जौन मय शब्द 'उचित मात्रा' से कहल चाहेला, ओकर मतलब ह कि चरम सीमा से बचें के चाही।
३६. अपने क एक सभ्य अउर शुद्ध जीवन के आदी करा, बिना कामुकता के।
३७. सबहिं चीज से बचा जौन ईर्ष्या पैदा करी।
३८. अउर अति न करा। उहौ जइसे जिया जौन जानेला कि कउनौ इज्जतदार अउर सभ्य ह।
३९. लालच या कंजूसी से प्रेरित न होइ के काम करा। ई सबहिं चीज मा सही माप के उपयोग करे बहों अच्छा ह।
४०. केवल उहौ करा जौन तूंहे चोट न पहुँचा सकत ह, अउर ओन्हके करे से पहिले फैसला करा।
४१. जब तूँ लेटेला, नींद के अपने थकेली आँख के पास कबहुँ न आवे देह,
४२. जब तकर तूँ अपने सबसे ऊँच चेतना से दिन के अपने सबहिं कामन के समीक्षा न करा।
४३. पूछा: "मय कहाँ गलती कीन्हेउँ? मय कहाँ सही से काम कीन्हेउँ? मय कउन कर्तव्य पूरा न कइलेउँ?"
४४. अपने गलतीन के कारण अपना के डाँटा, अउर अपने सफलता से खुश रहा।
४५. ई सबहिं सिफारिश के पूरा तरह से अभ्यास करा। ओन्ह पर नीक से विचार करा। तूंहे ओन्हके अपने पूरा दिल से प्यार करे के चाही।
४६. ईहौ हइन जौन तूंहे दिव्य सद्गुण के रस्ता पर रखिहें।
४७. मय ओकर कसम खाएला जौन हमरे आत्मा मा पवित्र चतुर्धात के संचारित कइलस।
४٨. प्रकृति के उहौ स्रोत, जेकर विकास अनन्त ह।
४٩. देवतान्ह के आशीर्वाद अउर मदद माँगे से पहिले कबहुँ कउनौ काम न शुरू करा।
५०. जब तूँ ई सबहिं क एक आदत बना लेब,
५१. तूँ अमर देवतान्ह अउर मनुष्यन के प्रकृति क जान जाब,
५२. तूँ देखब कि प्राणीन के बीच विविधता कहाँ तक जाला, अउर उहौ जौन ओन्हके भीतर समाहित करेला, अउर ओन्हके एकता मा बनाए राखेला।
٥٣. तूँ तब देखब, न्याय के अनुसार, कि ब्रह्मांड के पदार्थ सबहिं चीज मा एक समान ह।
٥٤. एसे तूँ उहौ न चाहब जौन तूंहे न चाहे के चाही, अउर एह दुनिया मा कउनौ चीज तोरे ले अनजान न रहि जाई।
٥٥. तूँ इहौ महसूस करब कि मनुष्य स्वेच्छा से अउर अपने स्वतंत्र चुनाव से अपने ऊपर अपने दुर्भाग्य लायेला।
٥٦. कतना दुर्भाग्यशाली हइन उहौ! उहौ न देखेला, न तौ समझेला कि ओन्हके भलाई ओन्हके बगल मा ह।
٥٧. बहुत कम लोग जानेला कि अपने दुःख से खुद क कइसे आजाद करा जाय।
٥٨. ईहौ ह भाग्य के भार जौन मानवता क अंधा कइ देला।
٥٩. मनुष्य अंतहीन दुःख से गोल-गोल, एने-ओने घूमैला,
६٠. काहेंकि ओन्हके साथ एक उदास साथी, ओन्हके बीच के घातक फूट, रहेला, जौन ओन्हके ऊपर-नीचे फेंकेला, बिना कि ओन्हके पता चले।
६१. विवेक से, कबहुँ असंगति क न जगावे के कोशिश करा, मुदा ओसे भागा!
६२. हे हमरे पिता परमेश्वर, ओन्ह सबहिं क इहौ बड़े दुःख से आजाद करा।
६३. हर एक क ओकर मार्गदर्शक आत्मा देखाए से।
६٤. मुदा, तूंहे न डेरे के चाही, काहेंकि मनुष्य एक दिव्य जाति से संबंध रखेला।
६٥. अउर पवित्र प्रकृति ओन्हके सबहिं कुछ प्रकट अउर देखाई।
६٦. अगर उहौ अपने रहस्य तोहे बताई, तौ तूँ आसानी से उहौ सबहिं चीज अभ्यास मा लाब जौन मय तूंहे सिफारिश करिलेउँ।
६٧. अउर अपने आत्मा के नीक कइ के तूँ ओका ई सबहिं बुराई अउर दुःख से आजाद करब।
६८. मुदा आत्मा के शुद्धता अउर स्वतंत्रता क ले के कम सिफारिश कीन्ह गयी खाना से बचा।
६٩. सबहिं चीज के नीक से मूल्यांकन करा,
७०. हमेशा खुद क उहौ दिव्य समझ से मार्गदर्शित करे के कोशिश करा जौन सबहिं क निर्देशित करे के चाही।
७१. एसे, जब तूँ अपने शारीरिक शरीर क छोड़ देब अउर ईथर मा ऊपर उठब।
७२. तूँ अमर अउर दिव्य होब, तूंहे पूर्णता मिली अउर तूँ अब न मरब।